डिजिटल साक्षरता अभियान : क्या है, जानकारी और उपयोगी सामग्री के लिंक

डिजिटल साक्षरता अभियान

क्या है "डिजिटल साक्षरता अभियान" (दिशा)

हर परिवार में एक व्यक्ति को डिजिटल रूप से साक्षर में बनाना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  की " डिजिटल इंडिया" की दृष्टि का अभिन्न घटकों में से एक है ।


डिजिटल साक्षरता अभियान या राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन  योजना देश भर में 52.5 लाख लोगों के लिए प्रशिक्षण देने के लिए तैयार की गई है, जिसमे देश भर में सभी राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों में अधिकृत राशन डीलरों सहित आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सामान्य "इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी" का ज्ञान और प्रशिक्षण दिया जायेगा| 

इससे ये लोग सरकार की ई-सेवाओं से अच्छे प्रकार से जुड़ सके और उसका लाभ स्वयं भी उठाये और अन्य लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचा सके| 

क्या है डिजिटल साक्षरता की परिभाषा

व्यक्ति और समुदायों द्वारा आम जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में सार्थक कार्यों के लिए डिजिटल प्रोद्योगिकी का उपयोग करके की क्षमता को हम "डिजिटल साक्षरता" कह सकते है| 


डिजिटल साक्षरता अभियान की ट्रेनिंग

इस अभियान के तहत सरकार विभ्भिन ट्रेनिंग एजेंसियों के साथ मिल कर राशन डीलर, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए  आईटी ट्रेनिंग का आयोजन करेगी| 

इस ट्रेनिंग की बारे में इस प्रकार के पोस्टर के माध्यम से पहले से जानकारी दी जायेगी:

डिजिटल साक्षरता अभियान की ट्रेनिंग

इस ट्रेनिंग का व्यापक उद्देश्य निम्न है:

एक व्यक्ति को इतना डिजिटल साक्षर बनाना कि वह / वह डिजिटल उपकरणों जैसे मोबाइल फोन , टैबलेट , आदि पर किसी सुचना के लिए इंटरनेट पर खोज सके और ईमेल भेजने और प्राप्त करने में सक्षम हो सके| 

ट्रेनिंग कहाँ होगी और फीस कितनी है?

इसकी ट्रेनिंग आपके नजदीकी आईटी ट्रेनिंग सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर में आयोजित की जायेगी| अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / बीपीएल परिवारों के लिए कोई प्रशिक्षण शुल्क देय नहीं है, सामान्य वर्ग के लिए इसकी फीस 125/- रूपये है|

20 घंटे की इस ट्रेनिंग को आप 10 से 30 दिनों के भीतर पूरा कर सकते है|

डिजिटल साक्षरता अभियान ट्रेनिंग - उपयोगी सामग्री

डिजिटल साक्षरता अभियान : क्या है, जानकारी और उपयोगी सामग्री के लिंक Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kheteshwar Boravat

3 Comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (16-05-2016) को "बेखबर गाँव और सूखती नदी" (चर्चा अंक-2344) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बंधू खेतेश्वरजी आपका हार्दिक धन्यवाद,आपने तो तुरंत ही वरिष्ठ नागरिको की समस्या को पकड़ लिया।में उत्तर की प्रतीक्षा कर ही रजा था।आज जेसे ही नोटिस दिखा तो पढ़ने पर ज्ञात हुआ क़ि एक दिन की देरी से लेख पढ़ने पर श्री रूपचंद्रजी शास्त्री 'मयंक'के बेखबर गांव और सूखती नदी के चर्चा अंक2344 जो 16/5/16 के लिए नियत था,उस बारे में आज पता चलने पर,नहीं देख पाये।इसमें यह भी है कि क्या ndim.in पर इसे अब भी देखा जा सकता है? कृपया मार्गदर्शन करे।इसी सन्दर्भ में मुझे श्री खेतेश्वरजी से मेरे मोबाइल 9784146610पर वार्ता कर ख़ुशी होगी

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