कंप्यूटर पर डिलीट हुई फाइलों को रिकवर (पुनः प्राप्त) करने के लिए सॉफ्टवेयर

फाइल रिकवरी सॉफ्टवेयर

क्या है फाइल रिकवरी सॉफ्टवेयर 

यदि आपके कंप्यूटर पर ग़लती से कोई फाइल, फोटो इत्यादि डिलीट हो गए है, तो "फाइल रिकवरी सॉफ्टवेयर" की सहायता से आप उन फाइलों को पुनः प्राप्त कर सकते है।

कंप्यूटर फाइल डिलीट के प्रकार 

कंप्यूटर पर कोई भी फाइल दो प्रकार से डिलीट की जा सकती है - "सामान्य डिलीट" और "स्थायी डिलीट" ।


सामान्य डिलीट में फाइल आपके कंप्यूटर के "रीसायकल बिन" में चली जाती है, जहाँ से आप फाइल को फिर से उसके मूल फोल्डर में भेज सकते है। लेकिन स्थायी डिलीट के बाद आपके पास खुद से फाइल को पुनः प्राप्त करने का कोई रास्ता नहीं होता।

स्थायी डिलीट फाइल के लिए फाइल रिकवरी सॉफ्टवेयर

ऐसी ग़लती से स्थायी डिलीट हुई फाइल को वापस पाने के लिए फाइल रिकवरी सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है।

ऐसे ही एक सॉफ्टवेयर को आप निम्न वेबसाइट से मुफ्त डाउनलोड कर सकते हो:



कंप्यूटर पर डिलीट हुई फाइलों को रिकवर (पुनः प्राप्त) करने के लिए सॉफ्टवेयर Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kheteshwar Boravat

3 Comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (05-12-2015) को "आईने बुरे लगते हैं" (चर्चा अंक- 2181) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. અખિલ બ્રહ્માંડમાં એક તું શ્રી હરિ, જૂજવે રૂપે અનંત ભાસે,

    દેહમાં દેવ તું, તેજમાં તત્વ તું, શૂન્યમાં શબ્દ થઇ વેદ વાસે,

    પવન તું પાણી તું ભૂમિ તું ભૂધરા, વૃક્ષ થઈ ફૂલી રહ્યો આકાશે,

    વિવિધ રચના કરી અનેક રસ લેવાને, શિવ થકી જીવ થયો એ જ આશે.....

    Do you know what moksha is ? Getting rid of non existent misery and attaining the bliss which is always there, that is Moksha.
    क्या आप जानते है, मोक्ष कीसे कहते है ? गैर मौजूद दु:ख जो जड वस्तुओं से प्राप्त होता है और इन्हीं जड वस्तुओं की खुशी जो सदा नहीं रहती इन दोनो से छूटकारा ही मोक्ष है। जो आसान तो नहि है पर ऐसी जिज्ञासा बनाए रखने मे कोई बूराई तो नही है। जो जड वस्तुसे प्राप्त होता दु:ख जो कही नहीं है फिर भी अनुभव होता है, पर परमानंद जो सदासे प्राप्त है जीससे सब सुखदुखकी अनुभूति होती है वह परमानंदकी अनुभूति अर्थात मोक्ष है।

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