डेंगू-चिकनगुनिया मरीजों को बचाने के लिए कुछ ऐसे करें प्राथमिक उपचार और बचाव


डेंगू और चिकनगुनिया के डर से दिल्ली व हरियाणा में काम करने वाले अब घर को लौट रहे हैं, क्योंकि स्वास्थय ही धन है यानि की ‘हेल्थ इज वेल्थ’। डेंगू और चिकनगुनिया से मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है लेकिन हमारा स्वास्थय विभाग अबतक सोया है,


जबकि जरूरत है अब हमें जगने की और इससे लड़ने की, इन उपायों से आप भी डेंगी और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से अपना बचाव कर सकते है।

हालांकि यह भी एक प्रकार का बुखार ही है लेकिन इसमें शरीर का तापमान सामान्य से अचानक 102 डिग्री से ज्यादा बढ़ जाता है और मरीज अचेतावस्था में पहुंच जाता है। जिसके वजह से परिजन घबरा कर प्राथमिक उपचार नहीं करते है। प्राइमरी उपचार कर के हम बहुतयात ऐसे मरीजों को बचा सकते है।

डेंगू और चिकनगुनिया  में प्राथमिक उपचार क्यों जरुरी है?

जब बुखार 102 डिग्री से ज्यादा हो तो पैरासिटामॉल (बुखार की गोली) काम नहीं करता है और इंजेक्शन देना खतरे से खाली नहीं। इसलिए हमें ऐसे परिस्थिति में मरीज को ठंडे पानी से नहला दे या कपड़े से बदन को पोछना चाहिए। ऐसा करने से शरीर का तापमान कम होगा तब दवा कारगर सिध्द होगा। यह विधा पहले ‘आइस बाथ’ के नाम से जानी जाती थी। मरीज के आसपास सफाई रखें और साफ कपड़े मरीज को पहनाएं। मच्छरों से बचकर रहे। मच्छरदानी व कॉयल का प्रयोग करें।


डेंगू और चिकनगुनिया में खाने-पीने का रखें विशेष ख्याल:

डेंगू के मरीजों का प्लेटलेट्स तीव्रता से घटने लगता है। जैसे पता चले डेंगू के लक्षण तुरंत उसे आवश्यकतानुसार पपीता के पत्ते को रस और कच्चा या पक्का पपीता प्रतिदिन दें। जो चीज जल्द पच जाए वैसा भोजन दे सकते हैं जैसे कि चावल, खिचड़ी या फिर डॉक्टर की सलाह लेकर दें। बुखार के दौरान उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं। पीने के पानी को उबालकर पिए या फिर खरीद कर फिल्टर पानी का उपयोग कर सकते हैं।

अस्पताल में इन बातों का रखें ख्याल:

डॉक्टर के ऊपर दबाव न बनाएं। डॉक्टर को उसके बौध्दिक क्षमता के अनुसार इलाज करने दें और ज्यादा हड़बड़ाएं नहीं, संयम बना कर रखें। डॉक्टर के सलाहानुसार दवा सेवन करे। सरकारी अस्पतालों में जाए और सरकारी सुख-सुविधाओं का लाभ उठाएं। सरकारी अस्पताल में जाने से आपको आर्थिक लाभ मिलेगा। कभी-कभी व्यस्तता के कारण इंजेक्शन या अन्य चेकअप छुट सकते है तो ऐसे में खुद की जिम्मेदारी समझ कर नर्स या डॉक्टर को याद दिला दें।

आप भारत सरकार के इस एप को डाउनलोड कर डेंगी से बचाव और उससे जुड़ी अन्य कई महत्वपूर्ण जनकारियाँ हासिल कर सकते है, इस एप का नाम है "इंडिया फ़ाइट डेंगी"
https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.nhp.indiafightsdengue


लेखक : रवि कुमार गुप्ता


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